कविता का सपना था—अपने गाँव की महिलाओं की सुरक्षा के लिए कुछ करना। उन्होंने पुलिस भर्ती की तैयारी की, खूब मेहनत की, लेकिन आख़िरी परीक्षा में वह सिर्फ़ एक नंबर से पीछे रह गईं।
एक नंबर। सोचिए, इतने साल की मेहनत, एक सपना… और सिर्फ़ एक नंबर की वजह से सबकुछ टूट जाता।
लेकिन कविता ने हार नहीं मानी।
नया रास्ता, नई शुरुआत – Asort के साथ
कविता ने जब Asort के बारे में सुना, तो शुरुआत में उन्हें कुछ समझ नहीं आया। लेकिन एक दोस्त के कहने पर उन्होंने नज़दीक से जाना और फिर पूरे विश्वास के साथ अपनी जमा पूँजी इसमें निवेश कर दी। उन्होंने देखा कि यहाँ एक समुदाय है, जहाँ लोग एक-दूसरे की मदद करते हैं, सीखते हैं, बढ़ते हैं।
धीरे-धीरे उन्होंने खुद को बदला, सीखा, और एक छोटे स्तर से अपने बिज़नेस की शुरुआत की। और आज, वो खुद एक प्रेरणा बन चुकी हैं।